नई दिल्ली: भारत ने 25 से 27 नवंबर 2025 के बीच अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास संभावित मिसाइल परीक्षण के लिए NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया है। इस दौरान बंगाल की खाड़ी में लगभग 490 किलोमीटर तक का नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है।
इस क्षेत्र में त्रि-सेवाओं के थिएटर कमान के तहत यह परीक्षण हो सकता है, जो भारत के हिंद-प्रशांत रणनीतिक प्रतिमान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।नोटम का समय 25 नवंबर सुबह 03:30 बजे से 27 नवंबर दोपहर 12:00 बजे तक है। इस अवधि में विमान को उक्त क्षेत्र में उड़ान भरने से रोका गया है।नो-फ्लाई जोन का क्षेत्रफल लगभग 490 किमी बताई गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि परीक्षण सामरिक स्तर पर हो सकता है।
क्यों है यह पहल अहम?
- अंडमान-निकोबार क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है — यहाँ से हिंद-प्रशांत में वायुद एवं समुद्री नियंत्रण किया जाता है।
- मिसाइल परीक्षण इस क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मारक क्षमता को चिन्हित करता है और संभावित प्रतिद्वंद्वियों को संदेश देता है।
- NOTAM के माध्यम से नागरिक उड़ानों तथा वायुमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है, जिससे परीक्षण के दौरान असुरक्षित गतिविधियों से बचा जा सके।
आगे क्या संभावित है?
क्षेत्रीय देशों और हिंद-प्रशांत में इस तरह के परीक्षण से रणनीतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।
यदि यह परीक्षण सफल रहा तो अगले कुछ दिनों में आधिकारिक रूप से किसी मिसाइल वेरिएंट का घोषणा हो सकती है।
नागरिक एवं वाणिज्यिक विमान सेवाओं को इस अवधि में रूट परिवर्तन या समय-समय पर सूचना जारी करनी पड़ सकती है।
