राज्य स्तर पर आज का AQI “खराब” श्रेणी में है। सार्वजनिक सूचनाओं के अनुसार, राज्य का औसत AQI लगभग 148 दर्ज हुआ है। प्रमुख शहरों में PM2.5 व PM10 की मात्रा अधिक होने से स्वास्थ्य-सावधानी की सलाह दी जा रही है।
1. Dehradun
दिल्ली-एनसीआर के बाद उत्तराखंड का सबसे प्रदूषित जिला। आज यहाँ का AQI लगभग 172 (“Unhealthy / अस्वास्थ्यकर”) दर्ज हुआ है। PM2.5 की मात्रा ~107 µg/m³, PM10 ~136 µg/m³ थी। AQI
सुझाव: सुबह-शाम बाहर व्यायाम न करें, बुज़ुर्ग व बच्चे विशेष सावधानी बरतें।
2. Haridwar
रियल-टाइम डेटा में हरिद्वार का AQI भी ऊँचा दिख रहा है; राज्य में सबसे प्रदूषित जिलों में शामिल। IQAir+1
सुझाव: वाहन-उत्सर्जन एवं धूल-उठान के स्रोत नियंत्रित करें; मास्क पहनना फायदेमंद होगा।
3. Rishikesh
ऋषिकेश में हवा की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन “मध्यम” श्रेणी से नीचे नहीं है। आज ~107 AQI दर्ज हुआ है। IQAir+1
सुझाव: खुली हवा में गतिविधियाँ सीमित करें; बाहरी स्थानों पर लम्बे समय तक न रहें।
4. Kashipur (उधम सिंह नगर में)
Kashipur में आज का AQI ~102 दर्ज हुआ है — यह “मध्यम” श्रेणी में आता है। IQAir
सुझाव: सामान्य वयस्क बाहरी गतिविधियाँ कर सकते हैं, लेकिन संवेदनशील समूह सतर्क रहें।
5. Almora
पहाड़ी इलाकों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर; आज Almora लगभग AQI ~108 दर्ज हुआ। IQAir
सुझाव: पर्वतीय-क्षेत्र होने से धारा-वायु सुधार रही है; फिर भी देर शाम खुली जगह पर रहें तो हल्की शाल/स्वेटर साथ रखें।
6. Pithoragarh
पिथौरागढ़ में AQI ~95 दर्ज हुआ है — यह “मध्यम” श्रेणी के अंतर्गत है। IQAir
सुझाव: सामान्य लोग बाहर गतिविधियाँ कर सकते हैं; श्वसन रोग वाले थोड़ी सावधानी बरतें।
7. अन्य जिलों की स्थिति
- Bageshwar ~90 AQI — बेहतर। IQAir
- Uttarkashi ~87 AQI — अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा। IQAir
- Chamoli ~92 AQI — “मध्यम” श्रेणी। IQAir
- शहरी व औद्योगिक केन्द्र जैसे देहरादून, हरिद्वार में वाहन-उत्सर्जन, धूल-उठान और शांत वायुमंडलीय स्थिति के कारण वायु प्रदूषण अधिक है।
- पहाड़ी और कम-शहरी इलाकों में स्थिति बेहतर है क्योंकि वायु-परिवहन बेहतर और उत्सर्जन स्रोत कम हैं।
- मौसम के परिवर्तन, रात की ठंड व वायु बहाव की कमी भी प्रदूषण को एक-ठहराव स्थिति में ले जाती है।
🩺 स्वास्थ्य-सुझाव
- AQI 150+ (“Unhealthy”) वाले स्थानों पर बाहर निकलते समय N95/FFP2 मास्क पहनना लाभदायक होगा।
- सुबह-शाम व खुली गतिविधियों से बचें, विशेषकर श्वसन या हृदय रोग वाले, बच्चे व बुज़ुर्ग।
- घर के अंदर हवा-शुद्धि (AIR PURIFIER) या कम-प्रदूषण क्षेत्र चुनने की कोशिश करें।
- वाहन चलाते समय खिड़कियाँ बंद रखें और हवा-संचार सही रखें
आज उत्तराखंड में हवा-गुणवत्ता कुल मिलाकर चिंता का विषय है — खासकर शहरी जिलों में जहाँ AQI “मध्यम” से ऊपर “खराब/अस्वस्थ” श्रेणी तक पहुँच चुका है। पहाड़ी जिलों में स्थिति थोड़ी बेहतर बनी हुई है। प्रशासन और नागरिकों, दोनों को मिलकर धूल-उठान, वाहन-उत्सर्जन और खुली जल निकासी जैसे स्रोतों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
हवा-की इस स्थिति पर नज़र रखें और समय-समय पर अपडेट लेते रहें — Samachari इसकी निगरानी लगातार कर रहा है।
