जोमैटो कर्मचारियों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप भूख हड़ताल की चेतावनी दी

जोमैटो कर्मचारियों ने लगाया उत्पीड़न का आरोपभूख हड़ताल की चेतावनी दी

हरिद्वार, 23 फरवरी। जोमैटो कर्मचारियों ने कंपनी की नई नीतियों और सुपर मेडल जैसे कड़े नियमों का विरोध करते हुए भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी उनका शोषण कर रही है, और विरोध में आवाज उठाने पर काम से निकालने की धमकी दी जाती है। जोमैटो कर्मचारी नेमचंद, सिरंजीत, रवि कुमार, रवि पाल, हरचरण सिंह, चेतन, विकास, आकाश, अंकित ने कहा कि कंपनी ने हाल ही में सुपर मेडल नाम से एक नया नियम लागू किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 किलोमीटर की दूरी के लिए कंपनी मात्र 23 मिनट का समय देती है। यदि रास्ते में रेलवे फाटक बंद हो या जाम लगा हो, तो 7-8 मिनट की देरी होने पर भी कर्मचारी के 10 पॉइंट काट दिए जाते हैं। पॉइंट कम होने पर कर्मचारी की रेटिंग गिर जाती है, जिससे उन्हें पूरे दिन में केवल 3-4 घंटे ही ड्यूटी मिल पाती है। इससे उनकी मासिक आय पर गहरा असर पड़ा है। कैश ऑर्डर के मामले में यदि ग्राहक स्वयं ऑर्डर रद्द करने का मैसेज करता है, तब भी कंपनी कर्मचारी के खाते से पैसे काट लेती है। नेमचंद ने कहा कि बाइक हमारी है, पेट्रोल हमारा है और मेहनत भी हमारी है। लेकिन कंपनी हमें आज भी 5-6 साल पुराने रेट 7-8 रुपये प्रति किलोमीटर पर काम करवा रही है। इस महंगाई के दौर में बच्चों का भविष्य अंधकार में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना की स्थिति में बीमा का लाभ लेने के लिए भी कर्मचारियों को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ती है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें आवाज़ उठाने पर आईडी टर्मिनेट करने की धमकियां दी जा रही हैं। नेमचंद ने सीधे तौर पर कंपनी के अधिकारियों और टीम लीडर पर आरोप लगाया कि उन्हें मीडिया के सामने आने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है। नेमचंद ने कहा कि वे आज से अनशन शुरू कर रहे हैं। यदि इस दौरान उन्हें कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी और संबंधित अधिकारियों की होगी। प्रैसवार्ता के दौरान मौजूद जागृति परमार्थ न्यास की राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदना गुप्ता ने कंपनी नियमों के अनुसार कर्मचारियों को सुविधा दे। कर्मचारियों का उत्पीड़न सहन नहीं किया जाएगा। यदि उत्पीड़न पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन किया जाएगा।

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