वित्तीय समझ और लेखा प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु जनपद में पहली बार शासन के तत्वावधान में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता कार्यशाला

टिहरी गढ़वाल
वित्तीय समझ और लेखा प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु जनपद में पहली बार शासन के तत्वावधान में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता कार्यशाला

महालेखाकार, लेखा एवं हकदारी उत्तराखण्ड शासन के तत्वावधान में आज शुक्रवार को खेल परिसर सभागार, निकट विकास भवन, नई टिहरी में पहली बार एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में जनपद के विभिन्न विभागों के आहरण वितरण अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने वित्तीय साक्षरता, वित्तीय प्रबंधन तथा सरकारी लेनदेन के समुचित लेखांकन की महत्ता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी एवं लेखा संबंधी कार्य पर चर्चा की गई।

यह कार्यशाला भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के दिशा-निर्देशों के क्रम में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य अधिकारियों की वित्तीय समझ और लेखा प्रबंधन को सुदृढ़ करना है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) उत्तराखण्ड मोहम्मद परवेज आलम ने कहा कि वित्तीय वर्ष के अंतिम माह एवं अंतिम तिमाही में अनावश्यक व्यय की जल्दबाजी से बचना चाहिए तथा पूरे वर्ष संतुलित व्यय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा बजट लैप्स से बचने हेतु आहरण एवं वितरण अधिकारियों के नामित बैंक खातों या विभागीय खातों में धनराशि स्थानांतरित न की जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना पूर्ण वाउचर एवं सहायक दस्तावेजों (जैसे बिल, उप-वाउचर, शासनादेश एवं वित्त विभाग की स्वीकृति) के IFMS में किसी भी व्यय को संसाधित न किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस मद के लिए बजट आवंटित है, व्यय उसी मद में किया जाए तथा उसका स्पष्ट उल्लेख हो इसके अलावा सभी व्यय निर्धारित समयावधि के भीतर ही किए जाएं।

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आहरण एवं वितरण अधिकारियों को अद्यतन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक दक्षता के साथ कर सकें। उन्होंने सभी अधिकारियों से कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से अधिकारियों को अपने कार्यों के निष्पादन में दक्षता मिलेगी वहीं कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता बनी रहेगी।

इस अवसर पर उप महालेखाकार सुभाष चन्द्र ममगाई, डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर, डीडीओ मोहम्मद असलम, वरिष्ठ कोषाधिकारी मनोज पाण्डेय सहित जनपद के विभिन्न विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारी तथा लेखा परीक्षा से संबंधित अधिकारी/कार्मिक उपस्थित रहे।

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