टॉपर छात्र-छात्राओं के साथ जिलाधिकारी ने किया संवाद, दिए करियर और जीवन प्रबंधन के महत्वपूर्ण टिप्स
जनपद रुद्रप्रयाग के जिला सभागार में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में इंटरमीडिएट एवं हाईस्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर टॉपर रहे विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ “छात्र संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके भविष्य, करियर एवं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें करियर ओरिएंटेड टिप्स दिए तथा जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य हैं और उन्हें अभी से अपने जीवन को अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं मेहनत के अनुरूप ढालना होगा, ताकि वे भविष्य में देश और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है, इसलिए उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ योग, व्यायाम, संतुलित दिनचर्या एवं सकारात्मक सोच को अपनाना चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को तनाव कम करने एवं आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए विभिन्न व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और अनुशासन बेहद जरूरी हैं। असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से खुलकर बातचीत करते हुए उनकी समस्याओं, सुझावों एवं अनुभवों को भी सुना और कहा कि इस प्रकार के छात्र संवाद कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों से फीडबैक लेकर शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों के साथ भी चर्चा की गई है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, विशेषकर रोड सेफ्टी एवं विद्यालय आने-जाने के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि अध्यापक नियमित रूप से अभिभावकों के संपर्क में रहें तथा बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यवहार एवं स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दें।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके प्रति विद्यालयों एवं अभिभावकों दोनों को संवेदनशील रहने की आवश्यकता है। बच्चों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी अनिता पंवार, मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, अध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
