बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने पंचम बाल विधानसभा के गठन हेतु की समीक्षा बैठक

बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश सिंह रजवार ने पंचम बाल विधानसभा के गठन हेतु की समीक्षा बैठक

ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों में लोकतांत्रिक भागीदारी, नेतृत्व क्षमता एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पंचम बाल विधानसभा–2026 के गठन हेतु प्रदेश के सभी 13 जनपदों में बाल विधायकों के चयन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

इसी क्रम में ऊधम सिंह नगर आपदा प्राधिकरण के सभागार में उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्री योगेश सिंह रजवार जी की अध्यक्षता में पंचम बाल विधानसभा के बाल विधायकों के चयन के संबंध में शिक्षा विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग, बाल कल्याण समिति एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में श्री योगेश सिंह रजवार जी ने जनपद में अब तक की गई बाल विधायकों के चयन प्रक्रिया की जानकारी ली तथा चयन प्रक्रिया को निर्धारित मानकों एवं समयसीमा के अनुसार पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से पूर्ण करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आयोग द्वारा पंचम बाल विधानसभा में प्रदेश के सभी 13 जनपदों से 14 से 16 वर्ष आयु वर्ग के 70 बाल विधायकों का चयन किया जाना है। बाल विधायकों का चयन निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण एवं बच्चों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया जा रहा है।

चयन प्रक्रिया के अंतर्गत विद्यालय स्तर से प्राप्त निबंधों की जांच एवं मूल्यांकन के पश्चात उत्कृष्ट एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। आयोग द्वारा चयन प्रक्रिया में बच्चों की प्रतिभा, जागरूकता, अभिव्यक्ति एवं बाल अधिकारों के प्रति उनकी समझ को प्रमुख आधार बनाया गया है।

बैठक में जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी, ऊधम सिंह नगर श्री हरेंद्र कुमार मिश्रा जी, जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) श्रीमती व्योमा जैन जी, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती रत्नेश सिंह जी सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

श्री रजवार जी ने कहा कि बाल विधानसभा बच्चों को लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने, अपनी बात रखने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। उन्होंने अधिकारियों से चयन प्रक्रिया में अधिक से अधिक पात्र एवं प्रतिभाशाली बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *