कुंभ मेले में पर्यावरण मित्रों के मानदेय, आवास और अन्य सुविधाओं पर हुई चर्चा

कुंभ मेले में पर्यावरण मित्रों के मानदेय, आवास और अन्य सुविधाओं पर हुई चर्चा

राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने डामकोठी में कुंभ मेला एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ की बैठक

हरिद्वार  राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने डामकोठी में कुंभ मेला एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर सफाई कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में आगामी कुंभ मेले के लिए पर्यावरण मित्रों की भर्ती, मानदेय में वृद्धि, आवास एवं खान-पान की व्यवस्था, मृतक आश्रितों को शैक्षिक योग्यता के अनुरूप नियुक्ति तथा ठेका कर्मचारियों को समय पर वेतन दिए जाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।
उपाध्यक्ष संतोष गौरव ने मेला अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं एवं मांगों पर चर्चा करने और आवश्यक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिसंबर में प्रस्तावित पर्यावरण मित्रों की भर्ती से पहले संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में पर्यावरण मित्रों को प्रस्तावित 500 रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर दूर-दराज के क्षेत्रों से आकर कार्य करना कठिन होगा। ऐसे में मानदेय बढ़ाने, आने-जाने के किराये की व्यवस्था करने तथा कर्मचारियों के लिए उचित आवास, खान-पान और उनके बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने मानदेय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री से भी आग्रह किए जाने की जानकारी दी।
बैठक में मृतक आश्रितों की नियुक्ति का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। संतोष गौरव ने कहा कि कुछ मामलों में इंटरमीडिएट और स्नातक तक शिक्षित अभ्यर्थियों को पर्यावरण मित्र के पद पर नियुक्त किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे मामलों की जांच कर शासनादेश के अनुरूप संबंधित अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार लिपिक पद पर नियुक्ति देने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
इसके अतिरिक्त ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने की समस्या पर भी चर्चा हुई। उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों का वेतन समय से दिलाने तथा उनकी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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