आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए निर्देश

*आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को दिए निर्देश*

*आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त एवं अवरुद्ध सड़क मार्गों को तत्काल सुचारू करने के निर्देश*

*किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश*

*हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में आज सुबह अचानक मौसम में बदलाव आने के कारण कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि से नुकसान होने की सूचना के दृष्टिगत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए आंधी-तूफान एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने तथा प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ ही कई स्थानों पर पेड़ गिरने से भवनों एवं सड़क मार्गों पर भी प्रभाव पड़ा है। इससे कुछ स्थानों पर आवागमन बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंधी-तूफान के कारण जिन स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़क मार्ग अवरुद्ध हुए हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर पेड़ों को हटवाते हुए यातायात एवं आवाजाही सुचारू कराई जाए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त भवनों एवं अन्य प्रभावित स्थलों का निरीक्षण कर नुकसान की स्थिति का आकलन किया जाए तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षा एवं बचाव संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने संबंधित उप जिलाधिकारियों इव कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ओलावृष्टि एवं तेज आंधी के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान का गंभीरता से आकलन किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की क्षति का सर्वेक्षण कर नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि पात्र प्रभावित किसानों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मुआवजा एवं राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि फसलों को हुए नुकसान के आकलन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

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