*जनपद हरिद्वार में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को मिलेगा बढ़ावा*
*एचआरडीआई द्वारा किसानों को निःशुल्क पौध, बीज एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है*
*चंदन, सहजन, तुलसी, आंवला, शतावर व सर्पगंधा जैसी औषधीय फसलों के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर*
*हरिद्वार।जनपद हरिद्वार में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान (HRDI) की हरिद्वार इकाई, विकास भवन रोशनाबाद द्वारा किसानों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत पौध सामग्री, रोपण तकनीक एवं फसल प्रबंधन की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को औषधीय फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

संस्थान द्वारा चंदन की सफेद प्रजाति के लगभग 750 पौधों का रोपण 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में कराया गया, जिससे 50 किसान लाभान्वित हुए। वहीं 1,500 सहजन पौधे 81 किसानों को वितरित कर लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र को आच्छादित किया गया। इसके अलावा 500 आंवला पौधे 51 किसानों को वितरित किए गए तथा 59 किसानों को 2.5 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए तुलसी के बीज उपलब्ध कराए गए।
जिला समन्वयक डॉ. अरविंद भंडारी ने बताया कि द्वारा औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती करने वाले किसानों का पंजीकरण किया जाता है तथा 3 नाली भूमि तक निःशुल्क बीज एवं पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि धर्मनगरी हरिद्वार में विशेष रूप से चंदन की सफेद प्रजाति की खेती किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम बन सकती है। हरकी पैड़ी, चारधाम यात्रा और धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु इसके लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराते हैं।

निदेशक एचआरडीआई अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि जनपद में औषधीय पादपों को बढ़ावा देने के लिए दो जड़ी-बूटी मास्टर ट्रेनरों की नियुक्ति की गई है तथा आगामी समय में चंदन, सहजन, शतावर, सर्पगंधा, तुलसी और आंवला जैसी प्रजातियों का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
