भारत सरकार के संयुक्त सचिव ने टिहरी में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की*
भारत सरकार की संयुक्त सचिव तनुजा ठाकुर, डॉ० मोनिका, उप सचिव ग्रामीण आजीविका, जयन्ती कनौजिया, अवर सचिव, प्रशिक्षण की उपस्थिति में जिला सभागार, टिहरी गढ़वाल में ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G) कार्यक्रम के सम्बन्ध में बैठक आहूत की गयी।
बैठक के दौरान विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), एवं अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक का उद्देश्य भारत सरकार एवं उत्तराखण्ड शासन द्वारा संचालित विभिन्न ग्राम्य विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था।
बैठक में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, सीडीओ वरूणा अग्रवाल, डीडीओ मो० असलम एवं ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की वर्तमान प्रगति, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
संयुक्त सचिव तनुजा ठाकुर ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है जब प्रत्येक सरकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबन्द्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुँचे। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी अनुश्रवण, नियमित समीक्षा तथा जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों मे आजीविका सवर्धन, महिला सशक्तिकरण, स्वय सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण, कौशल विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा सतत् ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक निर्धारित समय सीमा में पहुँचाया जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए।
संयुक्त सचिव तनुजा ठाकुर द्वारा जनपद के विकासखण्ड चम्बा में भ्रमण कर प्रधान एवं जनप्रतिनिधियों से वार्ता की, जिसमें अवगत कराया गया कि सामग्री अंश में भुगतान देरी से प्राप्त होने के कारण देनदारी की समस्या, एन०एम०एम०एस० ऐप नेटवर्क आदि की दिक्कतों के कारण नियमित कार्य न करने से श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने आ रही समस्या, ई केवाईसी आदि के विषय में चर्चा की गयी। संयुक्त सचिव द्वारा समस्याओ का संज्ञान लेते हुए भविष्य हेतु इसमे सुधार लाए जाने का आश्वासन दिया गया।
